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Tuesday, 5 January 2021

100 shabdarth in hindi शब्द और अर्थ हिन्दी में- समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द

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shabd aur arth hindi mein

बहुत से शब्द ऐसे होते है जिनका उच्चारण समान होता है परंतु उनके अर्थ भिन्न होते है इस प्रकार के शब्दों को समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द कहते है जैसे अंश और अंस शब्दों का उच्चारण एक समान है परंतु अंश वर्तनी में थोड़ा अन्तर होने के कारण समानता का आभास होता है परंतु अर्थ की दृष्टि से उनमें कोई समानता नहीं होती है, समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं। समोच्चरित भिन्नार्थक शब्दों को युग्म शब्द समध्वन्यात्मक शब्द समानाभास शब्द भी  कहते है। विधार्थियों के अध्ययन के लिए कुछ ऐसे शब्द उदाहरणार्थ प्रस्तु किए गए है। 

100 shabdarth in hindi

100 shabdarth in hindi


शब्द

अर्थ

अगम

दुर्लभ

अन्त

समाप्त

आकर

खान

आदि

आरम्भ

इत्र

सुगंध

आगम

उत्पत्ति या शास्त्र

अन्त्य

नीच

आकार

सूरत

आधि

पीड़ा

इतर

दूसरा

ईशा

ऐश्वर्य

उपस्थित

हाजिर

उद्ध्त

उदण्ड या अक्खड़

ऋत

सत्य, यक्ष

ईषा

हल की लंबी लकड़ी

उपस्थिति

हाजिरी

उघत

तैयार

ऋतु

मौसम

ओटना

बिनौले अगल करना

ओर

तरफ

करि

गज

कदन्त

बुरा अनाज

खल

दुष्ट

खासी

अच्छी

गणना

गिनती

गर्भ

पेट

घोर

बहुत बुरा

चिर

प्राचीन

चित

मन

छत्र

छाता

छात्र

विघार्थी

जरा

बुढ़ापा

जलज

कमल

तरणी

नौका

तरंग

लहर

दारा

पत्नी

दिन

दिवस

धरा

पृथ्वी

औटना

खौलना

और

तथा

कीर

सुग्गा,तोता

कृदन

युद्ध या पाप

 

खाँसी

एक बीमारी

 

खलु

ही या तो

 

गड़ना

चुभना

 

गर्व

अहंकार

 

घोल

घुला मिश्रण

 

चीर

वस्त्र

 

चित

पीठ के बल पड़ा

 

क्षत्र

क्षत्रिय

 

क्षात्र

क्षत्रिय का

 

जरा

थोड़ा

 

जलद

बादल

 

तरणि

सूर्य तरुणी युवा

 

तुरंग

 धोड़ा

 

धारा

बहाद

 

धुरा

अक्ष

 

नाक

नासिक

 

नीर

पानी

 

पुरूष

पठोर

 

प्रकार

रीति

 

फूट

कलह

 

फन

कला

 

बलि

बलिदान

 

बिना

रहित

 

भीत

डरा हुआ

 

भक्त

उपासक

 

मूल

जड़

 

मात्र

केवल

 

शंकर

महादेव

 

शमी

वृक्ष विशेष

 

सम्प्रति

इस समय

 

सकृत

एक बार

 

हट

परे हो

 

हरण

ले जाना

 

ज्ञात

जाना हुआ

 

धूरा

धूल

 

नाग

सर्प

 

नीड़

घोंसला

 

पुरुष

मनुष्य

 

प्राकार

किले की चहारदीवारी

 

फुट

अकेला

 

फण

साँप का फण

 

बली

वीर

 

वीणा

वाघ

 

भित्ति

दीवार

 

भक्ति

उपासना

 

मूल्य

कीमत

 

मातृ

माता

 

संकर

मिला हुआ

 

समीर

हवा

 

सम्प्राप्ति

उपस्थित

 

शकृत

विष्ठा

 

हठ

जिद्द

 

हरिण

मृग

 

ज्ञाति

भाई बन्धु

 


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